बस्तर
यहॉं जंगल कॉंधे पर है
और खेत की मिट्टी
पॉंवों में
ताम्बिया शरीर को छूकर
बहती है नदी
पेडों में बैठकर
सुस्ताता है आसमान
यहॉं हरियाते दिन में
आता है टँगिया
मँगलू के गमछे में
खिलता है पसीने का फूल
सल्फी के नशे में
नाचता है जंगल
डोंगरी में खिलखिलाती हैं लेकियॉं
पिला, डोकरे और डोकरियॉं
यहॉं दिन
फूल की तरह खिलता है और रात
मांदर की थाप में नाचती है
यहॉं आप सॉंस ले सकते हैं
बतिया सकते हैं जंगल से
छू सकते हैं
घने और उँचे पेड
अभी इतना भी बुरा समय नहीं है यहॉं
कि आप खुलकर
हँस न सकें
आओ-आओ बस्तर को छुओ
और जिंदा हो जाओ ।
यहॉं जंगल कॉंधे पर है
और खेत की मिट्टी
पॉंवों में
ताम्बिया शरीर को छूकर
बहती है नदी
पेडों में बैठकर
सुस्ताता है आसमान
यहॉं हरियाते दिन में
आता है टँगिया
मँगलू के गमछे में
खिलता है पसीने का फूल
सल्फी के नशे में
नाचता है जंगल
डोंगरी में खिलखिलाती हैं लेकियॉं
पिला, डोकरे और डोकरियॉं
यहॉं दिन
फूल की तरह खिलता है और रात
मांदर की थाप में नाचती है
यहॉं आप सॉंस ले सकते हैं
बतिया सकते हैं जंगल से
छू सकते हैं
घने और उँचे पेड
अभी इतना भी बुरा समय नहीं है यहॉं
कि आप खुलकर
हँस न सकें
आओ-आओ बस्तर को छुओ
और जिंदा हो जाओ ।